लू और तेज गर्मी से बढ़ रहा किडनी रोगों का खतरा
उत्तर भारत में भीषण गर्मी का तांडव: दिल्ली-एनसीआर में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी, किडनी की सेहत पर मंडराया गंभीर खतरा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर सहित समूचा उत्तर भारत इन दिनों भीषण गर्मी और जानलेवा लू (Heatwave) की चपेट में है। सूर्य की तपिश इतनी प्रचंड है कि कई इलाकों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है। मौसम की इस भयावह स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने दिल्ली में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह मौसम न केवल सामान्य स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है, बल्कि किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंगों के लिए भी घातक साबित हो सकता है।
भीषण गर्मी और मौसम विभाग का अनुमान
लू की चेतावनी: जम्मू-कश्मीर, पंजाब, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान के कई हिस्सों में लू चलने की प्रबल आशंका है।
शारीरिक प्रभाव: जब तापमान 40 डिग्री के ऊपर स्थिर रहता है, तो मानव शरीर की स्वतः तापमान नियंत्रित करने की क्षमता कमजोर पड़ने लगती है, जिससे हीट स्ट्रोक और अंगों के विफल होने का जोखिम बढ़ जाता है।
किडनी पर कैसे भारी पड़ रही है गर्मी?
-
डिहाइड्रेशन (पानी की कमी): अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर से पसीने के रूप में तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से बाहर निकलते हैं। यदि इसकी भरपाई तुरंत न की जाए, तो शरीर डिहाइड्रेटेड हो जाता है।
-
रक्त संचार में कमी: पानी की गंभीर कमी होने पर शरीर के महत्वपूर्ण अंगों, विशेषकर किडनी तक पहुंचने वाले रक्त का प्रवाह कम हो जाता है। इससे किडनी को रक्त साफ करने में मशक्कत करनी पड़ती है, जो अंततः किडनी फेलियर का कारण बन सकता है।
-
पथरी और संक्रमण: लंबे समय तक शरीर में पानी की कमी रहने से मूत्र गाढ़ा हो जाता है, जिससे किडनी में पथरी (Stone) और मूत्र मार्ग में संक्रमण (UTI) का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
सबसे ज्यादा जोखिम में कौन?
-
बाहर काम करने वाले लोग: निर्माण कार्यों में लगे मजदूर, डिलीवरी बॉय, ट्रैफिक पुलिसकर्मी, किसान और सफाई कर्मचारी जो घंटों सीधी धूप में रहते हैं।
-
पहले से बीमार व्यक्ति: ऐसे लोग जो डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं, उनकी किडनी पहले से ही संवेदनशील होती है। गर्मी का तनाव उनके लिए 'मल्टी-ऑर्गन फेलियर' की स्थिति पैदा कर सकता है।
बचाव के प्रभावी उपाय: डॉक्टर की सलाह
-
निरंतर जलपान: प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पानी, ओआरएस (ORS), नींबू पानी या नारियल पानी का सेवन करते रहें।
-
कार्यस्थल पर व्यवस्था: नियोक्ताओं को सुनिश्चित करना चाहिए कि बाहर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए शीतल पेयजल और छायादार विश्राम स्थल उपलब्ध हों।
-
पहनावा: धूप में निकलते समय हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। सिर को ढंकने के लिए टोपी या छाते का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें।
-
समय का चयन: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब सूरज की किरणें सबसे तीखी होती हैं, बाहर निकलने या भारी शारीरिक श्रम करने से बचें।


PM मोदी और जर्मन चांसलर के बीच अहम वार्ता, व्यापार से टेक्नोलॉजी तक सहयोग पर जोर
बिजली चोरी करने वालों पर कसा शिकंजा, जबलपुर में तीन आरोपी गिरफ्तार
रेलवे कुश्ती दंगल का खिताब उत्तर रेलवे के नाम, शानदार प्रदर्शन से जीती चैंपियनशिप
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक MP में चलेगा सेवा संकल्प अभियान, जिलों में होंगे विशेष कार्यक्रम
‘हनुमान अंश’ की विदेशों में भी धूम, नॉर्थ अमेरिका में रिलीज से पहले ही करीब 1 करोड़ की कमाई
खुदरा खरीद से सोने की कीमतों में तेजी, तीन दिन की गिरावट का सिलसिला टूटा
किसानों की समृद्धि को बताया राष्ट्र की ताकत, मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बड़ा बयान
बैंक ग्राहकों के लिए जरूरी खबर, 11 सितंबर से लगातार तीन दिन बैंकिंग सेवाएं रहेंगी प्रभावित
सुप्रीम कोर्ट ने लिया नाबालिग लड़की की सुरक्षा का संज्ञान, कहा- मामले को गंभीरता से लें