दुनिया के सबसे दमदार बॉडीबिल्डर "Golem" की हार्ट-अटैक से मौत
'दुनिया के सबसे ताकतवर बॉडीबिल्डर' के नाम से मशहूर इलिया 'गोलेम' येफिमचिक का 36 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने के बाद निधन हो गया। दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें 6 सितंबर को अस्पताल ले जाया गया था, जहां वह कोमा में चले गए थे। कुछ दिनों बाद 11 सितंबर को उनकी मौत हो गई। स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया कि हार्ट अटैक आने के बाद एंबुलेंस के आने का इंतजार करते हुए उनकी पत्नी एना ने छाती को कम्प्रेस भी किया था। बाद में उन्हें हेलीकॉप्टर से अस्पताल ले जाया गया।
एना का दिल छूने वाला बयान
एना ने स्थानीय मीडिया को बताया, 'मैंने इस पूरे समय प्रार्थना करती रही। मैंने हर दिन उनके साथ बिताया। उनका दिल दो दिनों तक धड़का, लेकिन डॉक्टर ने मुझे एक भयानक खबर दी कि उनके दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था। मैं संवेदना व्यक्त करने के लिए सभी का शुक्रिया अदा करती हूं। यह महसूस करना दिल को छू लेने वाली है कि मैं इस दुनिया में अकेली नहीं रह गई हूं। इतने सारे लोगों से मुझे मदद और समर्थन मिल रहा है।'
"द म्यूटेंट": बेलारूसी बॉडीबिल्डर की सोशल मीडिया फैन फॉलोइंग
इलिया ने कभी भी किसी प्रोफेशनल टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन इस बेलारूसी बॉडी बिल्डर की सोशल मीडिया फैन फॉलोइंग काफी ज्यादा था। उन्होंने नियमित रूप से अपने फैंस के साथ वीडियो साझा किए। उन्हें 'द म्यूटेंट' उपनाम भी मिला। जानकारी के मुताबिक, इलिया दिन में सात बार खाना खाते थे और अपने शरीर को बनाए रखने के लिए 16,500 कैलोरी से कंज्यूम करते थे। इसमें 2.5 किलोग्राम स्टेक और सुशी के 108 टुकड़े शामिल थे। उनका वजन 340 पाउंड था और वह 6 फीट एक इंच लंबे थे। आउटलेट के अनुसार उनकी छाती 61 इंच और उनके बाइसेप्स 25 इंच मापी गई थी।
स्कूल में 70 किलो वजन
कथित तौर पर स्कूल में उनका वजन सिर्फ 70 किलो था और वह पुश-अप्स नहीं कर सकते थे। हालांकि, वह अर्नोल्ड श्वार्जनेगर और सिल्वेस्टर स्टेलोन से प्रेरित थे और उन्होंने अपने शारीरिक विकास पर काम करने का फैसला किया। उन्होंने बताया था, 'मेरा परिवर्तन वर्षों के कठिन प्रशिक्षण और अनुशासन का परिणाम है। इन्हें मैंने व्यायाम, शरीर विज्ञान और पोषण की समझ के साथ बनाया था। मेरा मिशन लोगों में एक कार्य नैतिकता स्थापित करना है ताकि वे अपने डर को दूर कर सकें।' इलिया चेक गणराज्य, दुबई और अमेरिका में रहते थे।


बड़ी योजनाओं में खर्च पिछड़ा: केंद्र सरकार कर पाई सिर्फ 40% बजट का उपयोग
जहां शिक्षा का प्रकाश फैलता है, वहीं से विकास का मार्ग निकलता है: गोविंद सिंह राजपूत
मप्र के पूर्व गृहमंत्री ने बलात्कार आरोपी दाती बाबा का किया भव्य स्वागत
CM हिमंता के गोली चलाने वाले वीडियो पर बवाल, कांग्रेस बोली—यह नरसंहार का खुला आह्वान
परिवार शादी के जश्न में मस्त, इधर चोरों ने खाली घर पाकर कर दिया हाथ साफ
NSG हब पर ग्रुप कमांडर की कार जलाने का मामला, साजिश की आशंका
तिरुपति लड्डू विवाद में नया मोड़, साधु परिषद अध्यक्ष का बड़ा आरोप
भारत ने सेशेल्स के लिए खोला खजाना, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को मिलेगी नई रफ्तार
गुजरात–स्टारलिंक एलओआई साइन, सुदूर इलाकों में बढ़ेगी डिजिटल कनेक्टिविटी
सावरकर को भारत रत्न पर विपक्ष का तंज—बोले, उन्हें तो ब्रिटिश रत्न मिलना चाहिए