“मोर गांव मोर पानी महाभियान” से जल संरक्षण को मिली गति
रायपुर : “मोर गांव मोर पानी महाभियान” के तहत जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में महात्मा गांधी नरेगा एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से विभिन्न जल संरक्षण कार्यों को तेजी से पूर्ण किया जा रहा है।
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में अब तक जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन के अंतर्गत उल्लेखनीय कार्य संपादित किए गए हैं। इनमें समुदाय के लिए बोरवेल पुनर्भरण हेतु रेत फिल्टर एवं पुनर्भरण गड्ढा निर्माण के 202 कार्य, भू-जल संरक्षण (ैब्ज्ध्ब्ब्ज्) के 26 कार्य तथा समुदाय के लिए तालाब निर्माण एवं पुनरुद्धार के 295 कार्य शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त सरकारी एवं पंचायत भवनों में छत पर वर्षा जल संचयन संरचनाओं के 102 कार्य पूर्ण किए गए हैं। साथ ही समुदाय के लिए मिनी अंतःश्रवण टैंक निर्माण के 25 कार्य एवं समुदाय के लिए गेबियन चेक डैम निर्माण के 34 कार्य भी किए गए हैं।
व्यक्तिगत लाभार्थियों के अंतर्गत भी जल संरक्षण के साथ-साथ आजीविका संवर्धन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस अंतर्गत व्यक्तियों के लिए इरिगेशन ओपन वेल के 97 कार्य तथा कृषि तालाब निर्माण के 369 कार्य पूर्ण किए गए हैं, जिससे किसानों को सिंचाई सुविधा मिलने के साथ-साथ उनकी आय में वृद्धि के अवसर भी सुनिश्चित हो रहे हैं।
जिले की ग्राम पंचायतों में “नवा तरिया आय का जरिया” अभियान के अंतर्गत नए तालाबों का निर्माण एवं पुराने जल स्रोतों का जीर्णाेद्धार किया जा रहा है। यह पहल न केवल जल संरक्षण को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि आजीविका संवर्धन का सशक्त माध्यम भी बन रही है, जिससे ग्रामीणों को मत्स्य पालन, सिंचाई एवं अन्य आयवर्धक गतिविधियों के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
विशेष रूप से, ग्रामीणों द्वारा स्वप्रेरणा से अपने घरों में निजी सोख्ता गड्ढा (ैवंा च्पज) एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है, जिससे वर्षा जल का संरक्षण बढ़ रहा है और भू-जल स्तर में सुधार को बल मिल रहा है।
कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशानुसार सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, ताकि आगामी वर्षा ऋतु में अधिकतम जल संग्रहण सुनिश्चित किया जा सके।
इन प्रयासों से जिले में भू-जल स्तर में सुधार हो रहा है, किसानों को सिंचाई सुविधा में लाभ मिल रहा है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे जल संरक्षण के इस महाभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और जल के महत्व को समझते हुए उसके संरक्षण में सहयोग प्रदान करें।


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