ईरान में अमेरिका के निशाने पर हैं अल-कायदा के आतंकी: रक्षा मंत्री हेगसेथ
वॉशिंगटन। ईरान के साथ बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ अपने अभियान को और अधिक विस्तार देने के संकेत दिए हैं। पेंटागन ने स्पष्ट किया है कि ईरान के भीतर सक्रिय अल-कायदा से जुड़े तत्व अब अमेरिकी सेना के सीधे निशाने पर हैं। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बात पर जोर दिया कि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियानों के बावजूद, अमेरिका का प्राथमिक ध्यान आतंकवाद-रोधी कार्रवाइयों पर पूरी तरह केंद्रित है। रक्षा मंत्री हेगसेथ ने कड़े शब्दों में कहा कि अल-कायदा अभी भी अमेरिका का प्रमुख दुश्मन बना हुआ है और ईरान में इस संगठन के कई सदस्य उनकी टारगेट लिस्ट में शामिल हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति अल-कायदा से जुड़ा है और ईरानी क्षेत्र का उपयोग अपनी गतिविधियों के लिए कर रहा है, तो उसे एक वैध सैन्य लक्ष्य माना जाएगा। पेंटागन के इस रुख से यह स्पष्ट हो गया है कि अगर ईरानी शासन आतंकवादियों को शरण देना जारी रखता है, तो उन ठिकानों पर अमेरिकी हमले निश्चित हैं। यह बयान उन खुफिया रिपोर्टों के बाद आया है जिनमें ईरान के भीतर अल-कायदा नेतृत्व की मौजूदगी की आशंका जताई गई थी।
इस सैन्य रणनीति के साथ-साथ जॉइंट चीफ्स के चेयरमैन जनरल डैन केन ने भी संकेत दिया कि ईरान की सैन्य संरचना पर दबाव लगातार बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों, हथियारों के भंडारण स्थलों और अनुसंधान सुविधाओं के खिलाफ सटीक हमले जारी रखे हुए है। इस दबाव का उद्देश्य न केवल ईरान की सैन्य शक्ति को कम करना है, बल्कि उग्रवादी समूहों के लिए उपलब्ध संसाधनों और सुरक्षित पनाहगाहों को भी नष्ट करना है।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी सैन्य अभियान अंतरराष्ट्रीय कानूनों और स्थापित प्रक्रियाओं के तहत ही संचालित किए जा रहे हैं। जनरल केन के अनुसार, किसी भी हमले से पहले नागरिक जोखिमों और कानूनी पहलुओं पर सावधानीपूर्वक विचार किया जाता है। अमेरिका के इन ताजा बयानों से यह संकेत मिलता है कि अब यह संघर्ष केवल दो देशों की पारंपरिक सेनाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह ईरानी क्षेत्र में मौजूद गैर-राज्य तत्वों और आतंकवादी नेटवर्कों के खिलाफ एक व्यापक युद्ध का रूप ले सकता है। अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वह अपनी क्षेत्रीय स्थिरता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे को निष्क्रिय करने में संकोच नहीं करेगा।


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