ट्रंप ने माना: रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने में मैं असफल रहा
वॉशिंगटन। रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से ज्यादा समय से संघर्ष चल रहा है और अभी भी इसके थमने के फिलहाल कोई आसार नहीं है। कारण है कि पिछले दिनों इस संघर्ष को खत्म करने के सभी प्रयास विफल होते दिख रहे है। ऐसे में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि वह अपने एक बड़े चुनावी वादे को पूरा नहीं कर सके। ट्रंप ने माना कि वह रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को रोकने में नाकाम रहे हैं, जिसे उन्होंने अपने कार्यकाल का सबसे कठिन संघर्ष बताया। ट्रंप ने ये बात व्हाइट हाउस के नए नवीनीकरण के बाद आयोजित पहले आधिकारिक डिनर पर कही। इस दौरान ट्रंप ने ये भी दावा किया कि उन्होंने दुनिया के कई पुराने युद्धों को खत्म किया है, लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकना सबसे बड़ी चुनौती बन गया। इस डिनर में अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य और अन्य वरिष्ठ मेहमान मौजूद थे।
पुतिन के साथ अच्छी बातचीत, लेकिन
ट्रंप ने आगे कहा कि मैंने सोचा था रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकना सबसे आसान होगा, क्योंकि मेरी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से अच्छे संबध है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यह सबसे मुश्किल निकला। उन्होंने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल में कि एक युद्ध जो 31 साल से चल रहा था, 2 घंटे में खत्म हुआ, दूसरा 35 साल, और तीसरा 37 साल पुराना संघर्ष भी उन्होंने सुलझा लिया।
चुनावी वादा 24 घंटे में युद्ध खत्म करने का दावा
बता दें कि ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान दावा किया था कि वे सत्ता में आते ही 24 घंटे में रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कर देंगे, लेकिन अब तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है। अगस्त में हुई अलास्का शिखर बैठक को उन्होंने उत्पादक बताया, लेकिन कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ।
ट्रंप का भरोसा बरकरार
इस दौरान ट्रंप ने ये भी कहा कि लोगों ने कहा था कि ये युद्ध खत्म नहीं हो सकते, लेकिन मैंने उन्हें खत्म किया। रूस और यूक्रेन वाला कठिन है, पर हम इसे भी हल करेंगे। गौरतलब है कि इससे पहले गुरुवार को ट्रंप ने अपने युद्ध रोकने के पहले के दावे में बदलाव करते हुए कहा कि उन्होंने सात नहीं, तीन युद्ध रोके हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये कौन-कौन से युद्ध थे।


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