मसाला क्षेत्र विस्तार योजना: मसाले की खेती ओर बढ़ रहा किसानों का रूझान
रायपुर : राज्य सरकार के किसान हितैषी नीतियों एवं किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार उद्यानिकी फसलों के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए सब्सिडी के साथ-साथ प्रशिक्षण एवं तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इसी क्रम में महासमुंद जिले के विकासखंड पिथौरा अंतर्गत ग्राम कसहीबाहरा के प्रगतिशील किसान श्री निरंजन पटेल ने अपनी मेहनत और नवाचार से खेती में अच्छी सफलता प्राप्त की है। श्री निरंजन पटेल बताते हैं कि वे पहले पारंपरिक रूप से धान की खेती करते थे, जिसमें उन्हें अधिक लागत और अपेक्षाकृत कम उत्पादन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था।
वर्ष 2025-26 में उन्होंने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय बागवानी मिशन अंतर्गत मसाला क्षेत्र विस्तार योजना के तहत धनिया की खेती अपनाई। उन्होंने अपनी 0.40 हेक्टेयर पूरी सिंचित भूमि में उन्नत किस्मों कस्तूरी धनिया एवं अंकुर धनिया का उत्पादन प्रारंभ किया। आधुनिक तकनीक के रूप में उन्होंने ड्रिप सिंचाई प्रणाली का उपयोग किया, जिससे जल की बचत के साथ-साथ फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में भी वृद्धि हुई।
उद्यानिकी विभाग द्वारा उन्हें 0.40 हेक्टेयर के लिए 8000 का अनुदान डीबीटी के माध्यम से प्रदान किया गया, जिससे उन्हें प्रारंभिक लागत में राहत मिली। पूर्व में जहां वे धान की खेती से प्रति एकड़ लगभग 21 क्विंटल उत्पादन प्राप्त करते थे और लगभग 30,000 की सीमित आय होती थी, वहीं धनिया की खेती अपनाने के बाद उन्होंने लगभग 35 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त किया। धनिया की खेती से उनकी कुल आय बढ़कर लगभग 50,000 प्रति एकड़ हो गई। श्री पटेल अपनी उपज का विक्रय पिथौरा एवं बागबाहरा मंडियों में करते हैं। वर्तमान में वे अपने कार्य से अत्यंत संतुष्ट हैं। उनकी इस सफलता को देखकर आसपास के अन्य किसान भी उद्यानिकी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं और धनिया जैसी नगदी फसलों को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।


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