झारखंड में राज्यसभा चुनाव, 3 उम्मीदवारों के बीच सीधा टक्कर
रांची। झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर देश का ध्यान खींचने वाला मुकाबला शुरू हो गया है। विधानसभा परिसर में बनाए गए विशेष मतदान केंद्र पर सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी, जिसके ठीक बाद देर शाम तक नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे। इस बार चुनावी मैदान में दो सीटों के लिए तीन प्रत्याशियों के उतरने से मुकाबला बेहद रोमांचक और अनिश्चितताओं से भरा हो गया है।
दो सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला, सियासी समीकरण उलझे
इस बार के चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ 'इंडिया' गठबंधन और विपक्ष 'एनडीए' के बीच है। एनडीए इस चुनाव में तीसरे प्रत्याशी के रूप में निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी का समर्थन कर रहा है। एनडीए के पास कुल 24 विधायक हैं, जिनमें भाजपा के 21 और आजसू (AJSU), जदयू व एलजेपी (आर) के 1-1 विधायक शामिल हैं। दूसरी तरफ, सत्ताधारी गठबंधन की बात करें तो अकेले झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के पास 34 विधायक हैं। तकनीकी तौर पर राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 28 विधायकों के प्रथम वरीयता के वोटों की जरूरत होती है।
पहली सीट तय, असली घमासान दूसरी सीट के लिए
संख्या बल के लिहाज से पहली सीट पर झामुमो (JMM) के प्रत्याशी बैद्यनाथ राम की जीत पूरी तरह सुनिश्चित मानी जा रही है। असली सिरदर्दी और दिलचस्प मुकाबला दूसरी सीट को लेकर है, जहां कांग्रेस के उम्मीदवार प्रणव झा और एनडीए समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी आमने-सामने हैं। जादुई आंकड़े (28) को छूने के लिए एनडीए समर्थित उम्मीदवार को सिर्फ 4 अतिरिक्त वोटों की दरकार है, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को अपने दम पर जीत दर्ज करने के लिए अब भी 14 और विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी।
होटलों में शिफ्ट हुई पॉलिटिक्स, पोचिंग रोकने की कशमकश
इस चुनाव में क्रॉस वोटिंग और विधायकों की 'पोचिंग' (दलबदल) को रोकने के लिए दोनों ही गठबंधनों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। कांग्रेस और झामुमो के आला नेताओं ने साफ कर दिया है कि सरकार को समर्थन दे रहे सभी 56 विधायकों को एकजुट रहना होगा। इसके लिए मुख्यमंत्री आवास पर डिनर के साथ-साथ बकायदा 'मॉक पोल' (दिखावटी मतदान) का आयोजन किया गया ताकि कोई वोट अमान्य न हो। दूसरी तरफ, एनडीए ने भी सेंधमारी से बचने के लिए अपने सभी 24 विधायकों को रांची के एक आलीशान होटल (रेडिसन ब्लू) में ठहराया है, जहां से वे सीधे वोट डालने विधानसभा पहुंचेंगे।
अंतरात्मा की आवाज और क्रॉस वोटिंग पर टिकी उम्मीदें
सत्तारूढ़ 'इंडिया' ब्लॉक का दावा है कि जब हेमंत सोरेन सरकार के पास कुल 56 विधायकों का मजबूत समर्थन है, तो चिंता की कोई बात ही नहीं है और दोनों सीटों पर उनके ही प्रत्याशी जीतेंगे। वहीं, विपक्ष की उम्मीदें पूरी तरह से सत्तापक्ष में संभावित सेंधमारी और क्रॉस वोटिंग पर टिकी हुई हैं। निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को भरोसा है कि पूर्व में (2008 और 2014) झारखंड से राज्यसभा सदस्य रहने के दौरान किए गए उनके कार्यों को देखते हुए कई विधायक 'अंतरात्मा की आवाज' पर उन्हें वोट देंगे। गौरतलब है कि भाजपा के दीपक प्रकाश का कार्यकाल समाप्त होने और शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई इन दो सीटों को भरने के लिए यह चुनाव कराए जा रहे हैं।


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