ब्रिटिश प्रोफेसर को कर्नाटक में प्रवेश नहीं देने पर राजनीति तेज
बेंगलुरु। ब्रिटेन की एक प्रोफेसर को कर्नाटक सरकार द्वारा संविधान पर आयोजित एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दिए जाने को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है।कर्नाटक के समाज कल्याण मंत्री एचसी महादेवप्पा ने सोमवार को आरोप लगाया कि यह घटना दिखाती है कि कैसे व्यक्तिगत अधिकारों के साथ-साथ राज्य सरकारों के अधिकारों को भी कुचला जा रहा है। सभी देशभक्त भारतीयों को इन खतरों पर विचार करना चाहिए और हमारे संविधान को बचाए रखने के लिए एकजुट होना चाहिए।
वहीं, भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने निताशा कौल को आमंत्रित करने के लिए राज्य सरकार की आलोचना की। विजयेंद्र ने एक्स पर कहा कि भारत के संविधान और एकता पर परिचर्चा के लिए टुकड़े-टुकड़े गैंग की हमदर्द निताशा कौल को आमंत्रित करके इसके अपराधों पर पर्दा डालने के लिए सिद्दरमैया सरकार का बेहद घृणित कदम है।कौल ने आरोप लगाया है कि उन्हें कर्नाटक सरकार के निमंत्रण पर 24 और 25 फरवरी को हुए दो दिवसीय संविधान और राष्ट्रीय एकता सम्मेलन-2024 में भाग लेने के लिए भारत में प्रवेश करने से रोक दिया गया था। कौल ने कर्नाटक सरकार द्वारा उन्हें दिए गए निमंत्रण की तस्वीर साझा करते हुए एक्स पर कहा कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों पर बोलने के लिए भारत में प्रवेश से रोक दिया गया है।


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