अलसी परियोजना को मिला सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार
रायपुर : इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी), रायपुर में संचालित अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (एआईसीआरपी) अलसी को अलसी अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए “सर्वश्रेष्ठ एआईसीआरपी केंद्र पुरस्कार” से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद सीएआर द्वारा आयोजित अलसी एवं कुसुम की वार्षिक कार्यशाला, जो रांची में 9-10 सितंबर, 2025 आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान यह अवॉर्ड प्रदान किया गया। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और उन्होंने कहा कि यह सम्मान अलसी अनुसंधान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने, नवाचार को बढ़ावा देने, एवं देश की कृषि उत्पादकता में वृद्धि हेतु एआईसीआरपी अलसी टीम की सतत प्रतिबद्धता और उत्कृष्ट कार्यशैली को दर्शाता है।
सम्मान समारोह में देश के प्रमुख आईसीएआर ऑथोरिटी एवं विभिन्न संस्थानों के वैज्ञानिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें डॉ. डी.के. यादव, उप महानिदेशक (फसल विज्ञान), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली; डॉ. संजीव गुप्ता, सहायक महानिदेशक (तिलहन एवं दलहन), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली डॉ. आर.के. माथुर, निदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद तथा डॉ. एस.सी. दुबे, कुलपति, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय रांची शामिल थे। वहीं
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर स्थित एआईसीआरपी अलसी परियोजना की समर्पित टीम में प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एन. मेहता, डॉ. संजय के. द्विवेदी, कौशल वैज्ञानिक डॉ. आशुलता, वैज्ञानिक डॉ. राजेश के. एक्का शामिल हैं। इस उल्लेखनीय उपलब्धि को कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के सक्षम नेतृत्व एवं अनुसंधान निदेशक डॉ. विवेक त्रिपाठी के मार्गदर्शन में संभव बनाया गया।


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