जबलपुर में बिजली विभाग ने बकायादारों के खिलाफ अभियान तेज किया
जबलपुर बिजली विभाग का 'ऑपरेशन रिकवरी': 39 हजार डिफाल्टरों की GIS टैगिंग, 19.50 करोड़ की वसूली के लिए शनिवार को बड़ी घेराबंदी
जबलपुर| शहर विद्युत वितरण कंपनी अब उन उपभोक्ताओं को ढूंढ निकालने की तैयारी में है जो मीटर कटने के बाद बकाया राशि 'डकार' कर बैठे हैं। अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा के नेतृत्व में शनिवार को शहर के पांचों संभागों में एक साथ विशेष टीमें फील्ड पर उतरेंगी।
संभागवार बकाए का गणित: पूर्व संभाग सबसे आगे
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, शहर के विभिन्न हिस्सों में करोड़ों रुपये की राशि सालों से लंबित है।
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पूर्व संभाग: सबसे अधिक 10,778 डिफाल्टर, जिन पर 4.89 करोड़ रुपये बकाया हैं।
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दक्षिण संभाग: 8,364 उपभोक्ताओं पर 4.89 करोड़ रुपये की देनदारी।
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उत्तर संभाग: 6,362 लोगों पर 4.59 करोड़ रुपये का बकाया।
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पश्चिम संभाग: 8,661 बकाएदारों से 2.60 करोड़ रुपये की वसूली शेष है।
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विजयनगर संभाग: 4,853 उपभोक्ताओं पर 2.24 करोड़ रुपये का कर्ज है।
गुप्तचर की भूमिका में मीटर रीडर और लाइन स्टाफ
अधीक्षण अभियंता ने इस बार एक बेहद व्यावहारिक रणनीति बनाई है। विभाग के पुराने मीटर रीडरों और लाइन स्टाफ को विशेष रूप से सक्रिय किया गया है। चूंकि ये कर्मचारी वर्षों से एक ही क्षेत्र में काम कर रहे हैं, उन्हें बखूबी पता है कि जिन लोगों के मीटर 2019 या 2020 में उखाड़े गए थे, वे अब कहाँ रह रहे हैं या उनकी आर्थिक स्थिति कैसी है। डिजिटल डेटा और इन कर्मचारियों के निजी अनुभव को मिलाकर एक सटीक रिकवरी रूट तैयार किया गया है।
GIS टैगिंग और आधुनिक तकनीक का सहारा
अब बकाएदार अपना ठिकाना बदलकर या नाम बदलकर नया कनेक्शन लेकर बच नहीं पाएंगे। विभाग जीआईएस (GIS) टैगिंग और दक्षता सर्वे ऐप का उपयोग कर रहा है। इससे उन सभी परिसरों की पहचान की जा रही है जहाँ पहले बिजली काटी गई थी। तकनीक के जरिए उन 'लूपहोल्स' को बंद किया जा रहा है जिनका फायदा उठाकर डिफाल्टर अब तक बचते रहे हैं।
समाधान योजना: सरचार्ज से मुक्ति का आखिरी मौका
इस कड़ाई के साथ विभाग उपभोक्ताओं को एक राहत भरी 'ढाल' भी दे रहा है। समाधान योजना के तहत पुराने बकाएदारों को भारी-भरकम सरचार्ज (ब्याज) में भारी छूट दी जा रही है।
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सफल उदाहरण: हाल ही में तिलवारा बायपास के एक उपभोक्ता को 51 हजार रुपये और सिविक सेंटर के एक अन्य उपभोक्ता को करीब 15 हजार रुपये की सीधी छूट मिली।
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विभाग का संदेश साफ है: यदि आप स्वेच्छा से बकाया जमा करते हैं, तो दंड से बचेंगे और भारी छूट का लाभ उठा पाएंगे।


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