हिजाब को सख्ती से लागू करने के लिए ड्रोन, सर्विलांस तकनीक, फेशियल रिकग्निशन का इस्तेमाल कर रहा ईरान
तेहरान । हिजाब को लेकर सख्ती के चलते ईरान की दुनियाभर में फजीहत पहले भी हो चुकी है। इसके बावजूद वहां की इस्लामिक सरकार हिजाब को सख्ती से लागू करने के लिए जुटी हुई है। इसी कड़ी में ईरानी सरकार हिजाब को सख्ती से लागू करने के लिए ड्रोन, सर्विलांस तकनीक, फेशियल रिकग्निशन और मोबाइल एप का इस्तेमाल कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि महिलाओं को सजा देने और उनपर सख्त ड्रेस कोड लागू करने के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। रिपोर्ट में सामने आया है कि ईरान की सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल महिलाओं और लड़कियों पर नजर रखने के लिए कर रही है।
इसके अलावा ईरान की सरकार ने तेहरान और आसपास के इलाकों में हिजाब को सख्ती से लागू करने के लिए ड्रोन तैनात किए हैं। पहले यह सर्विलांस टैक्सी, एंबुलेंस और सरकारी वाहनों में यात्रा करने के दौरान था लेकिन अब निजी वाहनों और सार्वजनिक स्थानों को भी इसकी जद में लाया गया है। एआई तकनीक से लैस कैमरे विश्वविद्यालयों में भी लगवा दिए गए हैं।
ईरान ने हिजाब को सख्ती से लागू करने के लिए कानून बना दिया था। इसके अलावा कानून के तहत ईरान के सुरक्षाबलों को अधिकार मिल जाता है कि वे इसे सख्ती से लागू करवाएँ। इस्लामिक पीनल कोड के आर्टिकल 286 में यहां तक प्रावधान है कि करप्शन ऑफ अर्थ की दोषी महिलाओं को मौत की सजा दी जा सकती है।


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