ग्रामीणों तक पहुंची शासन की सेवाएं, किसान को मिला त्वरित समाधान
रायपुर : सुशासन तभी सार्थक होता है, जब शासन की सेवाएं बिना देरी और बिना भटकाव के सीधे आमजन तक पहुंचें। इसी सोच को साकार करते हुए आयोजित सुशासन तिहार 2026 कबीरधाम जिले के ग्रामीणों के लिए त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बना है। इसी पहल के तहत जिले के ग्राम रघ्घूपारा निवासी किसान धन्नु बघेल को शिविर में आवेदन के बाद निःशुल्क किसान ऋण पुस्तिका उपलब्ध कराई गई। गांव में ही मिली इस सुविधा से न केवल उनका समय और श्रम बचा, बल्कि अब वे कृषि संबंधी विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
धन्नु बघेल ने सुशासन तिहार शिविर में किसान ऋण पुस्तिका के लिए आवेदन किया था। आवेदन प्राप्त होते ही राजस्व विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और उन्हें बिना किसी शुल्क के किसान ऋण पुस्तिका उपलब्ध कराई। लगभग पांच एकड़ कृषि भूमि पर खेती करने वाले बघेल के लिए यह दस्तावेज काफी उपयोगी है। किसान ऋण पुस्तिका मिलने से अब उन्हें कृषि संबंधी विभिन्न शासकीय योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी।
बघेल ने बताया कि पहले ऐसे कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन इस बार गांव में आयोजित शिविर में ही उनका काम पूरा हो गया। उन्होंने कहा कि इतनी जल्दी और निःशुल्क सुविधा मिलने से उन्हें काफी राहत मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की सेवाएं सीधे ग्रामीणों तक पहुंच रही हैं, जिससे समय और संसाधनों दोनों की बचत हो रही है।


अमिताभ बच्चन ने अफवाहों का किया खंडन, बोले- ICU ब्लॉग का गलत मतलब निकाला गया
3 अगस्त से विधानमंडल सत्र का आगाज, संभल हिंसा रिपोर्ट पर विपक्ष के तेवर तेज होने के आसार
वाराणसी-मुंबई सुपरफास्ट को निशाना बनाने की कोशिश, इमरजेंसी ब्रेक से बची सैकड़ों यात्रियों की जान
अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाके से 10 की मौत, गुजरात में मचा हड़कंप
'सिर्फ गुस्सा नहीं, ठोस कदम जरूरी', शिक्षा मंत्री ने राहुल पर साधा निशाना
निशातपुरा स्टेशन तैयार, 26 जुलाई से तीन ट्रेनों के साथ शुरू होगी नई यात्रा
CJP हिंसा पर सख्त कार्रवाई, उपद्रवियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने दर्ज की नौ FIR
बृज भूषण ने मांगी माफी, हनुमानगढ़ी विवाद पर कहा- किसी को ठेस पहुंची हो तो खेद है
मध्य प्रदेश में जीवनरक्षक कानून लागू, शहर-गांव के लिए तय हुई गोल्डन टाइम सीमा
48 घंटे में बदला छात्र आंदोलन का पूरा घटनाक्रम, CJP प्रदर्शन बना सियासी मुद्दा