डिजिटल धान खरीदी व्यवस्था से मजबूत हुआ किसानों का भरोसा
रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में लागू की गई तकनीक आधारित डिजिटल धान खरीदी व्यवस्था अब केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि किसानों के भरोसे का मजबूत आधार बनती जा रही है। इसकी प्रभावशीलता और पारदर्शिता का एक जीवंत उदाहरण ग्राम दुग्गी निवासी किसान हीरालाल के अनुभव से सामने आया है। किसान हीरालाल ने सिंगहत उपार्जन केंद्र में कुल 51.20 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया। समर्थन मूल्य के अंतर्गत पूरी प्रक्रिया सरल, सुव्यवस्थित और पारदर्शी रही, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। धान विक्रय हेतु उनका टोकन ऑफलाइन माध्यम से जारी किया गया था, इसके बावजूद उपार्जन केंद्र में सभी व्यवस्थाएँ सुचारू रूप से संचालित रहीं। यह दर्शाता है कि डिजिटल प्रणाली के साथ उन किसानों के लिए भी प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जो ऑनलाइन प्रक्रियाओं से पूरी तरह परिचित नहीं हैं।
उपार्जन केंद्र में किसानों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध थीं। डिजिटल कांटे से सटीक तौल, सुव्यवस्थित प्रबंधन तथा भीड़-भाड़ से मुक्त वातावरण ने पूरी प्रक्रिया को भरोसेमंद और किसान अनुकूल बना दिया। अपने अनुभव साझा करते हुए किसान हीरालाल ने बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार धान विक्रय प्रक्रिया अधिक सहज और तनावमुक्त रही। तकनीक आधारित नई व्यवस्था ने किसानों का विश्वास मजबूत किया है और धान विक्रय को और अधिक सरल बनाया है। समग्र रूप से, छत्तीसगढ़ शासन की डिजिटल धान खरीदी व्यवस्था पारदर्शिता, सुशासन और किसान कल्याण की दिशा में एक सशक्त कदम के रूप में उभर रही है, जो किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन रही है।


नए वित्त वर्ष की शुरुआत महंगाई से, LPG सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी
सिर्फ चेहरे की चमक नहीं! मुल्तानी मिट्टी से घर की नेगेटिव एनर्जी दूर करने का चौंकाने वाला तरीका
अपनेपन का प्रेम ही होता है सबसे सच्चा प्रेम
11 अप्रैल से बनेगा नीचभंग राजयोग: बुध के गोचर से इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (1 अप्रैल 2026 )
प्रदेश की लाइफलाइन हुई सशक्त: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 370 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी
एपिस्टीन सेक्स कांड: प्रभावित पीड़ितों को बैंक देगा 686 करोड़ रुपये का मुआवजा