भारत को बड़ी राहत, LPG लेकर पहुंचा ‘जग वसंत’
गुजरात|LPG संकट के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर है. आज शुक्रवार को एक और जहाज ‘जग वसंत’ गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंच चुका है. यह जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते ही गुजरात पहुंचा है, जिसमें करीब 42 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा LPG गैस भरी है. इस बड़ी खेप से देश में एलपीजी गैस की उपलब्धता और मजबूत होने की उम्मीद है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने के लिए ईरान ने कुछ ही देशों को अनुमति दे रही है, उसमें भारत भी शामिल है|
पिछले कुछ दिनों से देश में एलपीजी गैस संकट की खबरे आई थीं. इसी बीच जग वसंत एलपीजी गैस लेकर भारत पहुंच गया है. जानकारी के अनुसार ‘जग वसंत’ जहाज देर रात गुजरात के कांडला बंदरगाह पर पहुंच गया है. फिलहाल, अभी भी वैश्विक बाजार में ऊर्जा सप्लाई को लेकर अस्थिरता बनी हुई है|
इससे पहले भी आ चुकी LPG
जग वसंत से पहले भी कई जहाज एलपीजी लेकर भारत आए हैं, जिसमें एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी शामिल है. हालांकि, देश में एलपीजी की खपथ के हिसाब से यह बहुत कम है. एमटी शिवालिक एलपीजी लेकर 16 मार्च को मुंद्रा बंदरगाह और एमटी नंदा 17 मार्च को कांडला में उतरा. आज एक और टैंकर जग वसंत भी भारत पहुंच चुका है|
कांडला पोर्ट पहुंचा टैंकर
जग वसंत गुजरात के जिस बंदरगाह पर पहुंचा है. वह बंदरगाह भारत के सबसे बड़े बंदरगाहों में से एक है. यानी कांडला पोर्ट से ही LPG गैस देश के अलग-अलग इलाकों में भेजी जाती है. ऊर्जा संकट के बीच देश के लिए बड़ी राहत भरी खबर है|
देश में पिछले कुछ दिनों से LPG के साथ ही पेट्रोल-डीजल की कमी की लगातार अफवाह फैल रही थी. जिसके बाद पेट्रोल-पंपों पर लोगों की भारी भीड़ लग गई. हालांकि, सरकार ने बुधवार को ही साफ कर दिया था कि हमारे पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है. किसी भी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है|


राशिफल 16 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सफलता की इबारत: वाटरशेड योजना ने बदली किसान छबी लाल की तकदीर
मध्यप्रदेश पुलिस की नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय सम्मान के लिए 20 मई तक नामांकन आमंत्रित
कोसमी में सफल बोर खनन से दूर हुआ जल संकट, ग्रामीणों के चेहरे खिले!
सुशासन तिहार बना भरोसे और राहत का माध्यम
उज्जैन की जनता सिंहस्थ संबंधी कार्यों में सहयोग कर पेश कर रही हैं नई मिसाल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
आदि उत्सव जनजातीय गौरव, संस्कृति और उद्यमिता का है अदभुत संगम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
शीघ्र ही होगा जीवनदायिनी तांदुला नदी का कायाकल्प
पायलट एवं फॉलो गाड़ियों का उपयोग बंद कर दिया सादगी