छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिनों तक मौसम खराब रहने का अलर्ट
छत्तीसगढ़ में मौसम का 'यू-टर्न': आज से बदलेगा मिजाज, आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट जारी
रायपुर| छत्तीसगढ़ में चिलचिलाती गर्मी के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, आज यानी 13 मई से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम की स्थिति बदल जाएगी। 13 से 15 मई के दौरान राज्य के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की प्रबल संभावना है।
50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
आगामी 24 घंटों के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी और तूफान आने के आसार हैं। खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और वज्रपात की स्थिति में खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे न रुकने की सलाह दी है।
तापमान में भी होगा इजाफा
भले ही बारिश की संभावना बनी हुई है, लेकिन गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
प्रमुख शहरों का तापमान:
-
राजनांदगांव: प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा, जहाँ पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया।
-
अंबिकापुर: यहाँ सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
-
राजधानी रायपुर: रायपुर में आज आसमान साफ रहने की संभावना है, हालांकि शाम तक बादलों की आवाजाही हो सकती है। यहाँ अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।


राशिफल 23 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
कृषि, पशुपालन और उद्यम से जुड़ी धरमजयगढ़ की महिलाएं अब स्थानीय बीजों और अनाजों से बना रहीं राखियां
विष्णुभोग चावल बना जीपीएम जिले का गौरव
रेल यात्रियों और मासूम बच्चों की सुरक्षा के प्रति जीआरपी की संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण
नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान को प्रदेशभर में मिल रहा जनसमर्थन
अवैध लकड़ी परिवहन पर वन विकास निगम की बड़ी कार्रवाई
मल्हार में खुली छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की नई शाखा
विश्व कप के रण में मध्यप्रदेश का गौरव: हॉकी इंडिया की विश्व कप टीम में हॉकी अकादमी के एसोसिएट खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद का चयन
मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई
स्वस्थ पशुधन, समृद्ध किसान: मुंगेली में 582 शिविरों से बदली पशुपालन की तस्वीर