ब्रिटेन में ततैयों का आतंक, सड़े फलों के नशे से हो रहे ज्यादा आक्रामक
लंदन। ब्रिटेन के कई इलाकों से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जहां किण्वित (सड़े) फल खाने के बाद ततैयों का झुंड असामान्य और अत्यधिक आक्रामक व्यवहार कर रहा है। अल्कोहल युक्त फल खाने की वजह से ये ततैये न सिर्फ अनियंत्रित हो गए हैं, बल्कि आम नागरिकों पर बिना किसी उकसावे के डंक मारकर हमला भी कर रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए कीट नियंत्रण विशेषज्ञों ने लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है।
ब्रिटिश पेस्ट कंट्रोल एसोसिएशन (BPCA) की तकनीकी प्रमुख नताली बुंगे ने बताया कि गर्मियों के अंतिम चरण में जब रानी ततैया अंडे देना बंद कर देती है, तब कामगार ततैये मीठे पदार्थों और पके फलों की खोज में बाहर निकलते हैं। जमीन पर गिरे और सड़े फलों में धूप के कारण प्राकृतिक अल्कोहल बनने लगती है, जिसे खाने से ततैये नशे जैसी स्थिति में आ जाते हैं और आक्रामक हो उठते हैं।
अनियंत्रित व्यवहार से बढ़ा जानलेवा एलर्जी का खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि अल्कोहल के प्रभाव में आए ततैयों को आसपास मौजूद इंसान या अन्य जीव संभावित खतरे की तरह दिखाई देते हैं। इस वजह से वे तुरंत हमला कर देते हैं।
-
गंभीर स्वास्थ्य जोखिम: ततैया के काटने से कुछ व्यक्तियों में तीव्र एलर्जी संबंधी प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं। अत्यधिक संवेदनशील मामलों में यह स्थिति 'एनाफिलेक्सिस' (Anaphylaxis) जैसी जानलेवा सांस और त्वचा संबंधी समस्या का रूप ले सकती है।
-
बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा: झुंड के संपर्क में आने से बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक जोखिम बना हुआ है।
सुरक्षा के लिए विशेषज्ञों की सलाह
कीट नियंत्रण विशेषज्ञों ने नागरिकों को किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए एहतियाती कदम उठाने के कड़े निर्देश दिए हैं:
बचाव के मुख्य उपाय
घोंसले से दूरी: यदि बगीचे या घर के आसपास ततैयों का घोंसला दिखे तो उसे खुद हटाने का प्रयास न करें। पेशेवर पेस्ट कंट्रोल टीम की मदद लें।
कचरा प्रबंधन: बगीचे या खुले क्षेत्र में पड़े सड़े फलों, मीठे खाद पदार्थों और पेय पदार्थों को तुरंत साफ करें।
कचरे के डिब्बे ढकें: डस्टबिन को हमेशा कसकर बंद रखें ताकि ये कीट आकर्षित न हों।


राशिफल 05 अक्टूबर 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टा बना आत्मनिर्भरता का आधार
पक्की छत ने महिलाओं को दिया सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास
कूनो में गूंजी चीतों की नई पीढ़ी की किलकारी
किसान हित में सहकारी ऋण व्यवस्था को बनाया जा रहा है सरल एवं किसान हितैषी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
अब बारिश में न टपकेगी छत, न सताएगा सीलन का डर, सुकलु राम के पक्के घर का सपना हुआ साकार
हर महीने की सहायता बनी राधा पुरामे की सेहत का सहारा
मध्यप्रदेश देश की फूड बॉस्केट बन चुका है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
रानी दुर्गावती के दिखाए मार्ग से जनजातियों के विकास का नया अध्याय लिख रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
उद्यानिकी फसल से तामेश्वर वर्मा की आय में हुई बढ़ोतरी