मध्य प्रदेश की 18 हजार से ज्यादा पंचायतों पर लटकी तलवार, अटक सकता है वित्त आयोग का पैसा
भोपाल: मध्य प्रदेश की 23,011 ग्राम पंचायतों में से महज 4,155 (लगभग 18%) पंचायतों ने ही अब तक वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपनी विकास कार्ययोजना (एक्शन प्लान) ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दर्ज कराई है। इस धीमी रफ्तार के कारण 16वें वित्त आयोग से मिलने वाले अनुदान की पहली किश्त रोकने की नौबत आ गई है। पंचायतों के पास अब केवल 15 सितंबर तक का समय बचा है।
विकास कार्यों पर लगेगा ब्रेक यदि 15 तारीख तक कार्ययोजना पोर्टल पर अपलोड नहीं होती है, तो पंचायतों को मिलने वाला वित्तीय अनुदान रुक सकता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण, सामुदायिक विकास और अन्य बुनियादी सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी।
संचालनालय सख्त, अधिकारियों को दिए निर्देश मामले की गंभीरता को देखते हुए पंचायत राज संचालनालय ने सभी जिला और जनपद पंचायतों के सीईओ को सख्त निर्देश जारी किए हैं। संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि ग्राम पंचायत डेवलपमेंट प्लान (GPDP), जनपद पंचायत डेवलपमेंट प्लान (BPDP) और जिला पंचायत डेवलपमेंट प्लान (DPDP) हर हाल में दी गई समय-सीमा में पोर्टल पर अपलोड कराए जाएं।
साथ ही यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि कार्ययोजना समय पर अपलोड न होने के कारण 16वें वित्त आयोग की किश्त अटकती है, तो इसकी पूरी जवाबदेही संबंधित पंचायत प्रशासन की होगी। संचालनालय ने विकास योजनाएं तैयार करते समय अन्य विभागीय योजनाओं को भी इसमें अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश दिए हैं।


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