CM मोहन यादव पतंजली योगपीठ पहुंचे, कन्या गुरुकुल में हवन में हुए शामिल
हरिद्वार। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव हरिद्वार में पतंजलि योगपीठ के कन्या गुरुकुल में हवन में शामिल हुए. इसमें बाबा रामदेव भी मौजूद थे. इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा रामदेव के साथ योग किया. दोनों की एक साथ योग करने की तस्वीर भी सामने आई है।
स्वागत के लिए पतंजलि परिवार का हृदय से आभार
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव बुधवार को हरिद्वार पहुंचे. यहां वे पतंजलि योगपीठ के कन्या गुरुकुल पहुंचे. इस दौरान उन्होंने बाबा रामदेव समेत पतंजलि योगपीठ से जुड़े अन्य लोगों से मुलाकात की साथ ही वे कन्या गुरुकुल में हवन में भी शामिल हुए. इसको लेकर मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर भी जानकारी दी है. मुख्यमंत्री ने लिखा, ‘पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार में प्रसिद्ध योग गुरु स्वामी रामदेव जी से आत्मीय भेंट हुई. इस अवसर पर स्वागत के लिए पतंजलि परिवार के सभी सदस्यों का हृदय से आभार।
दिल्ली के दौरे पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव
मुख्यमंत्री इस समय उत्तराखंड के दौरे पर हैं. आज सुबह 11:00 बजे हरिद्वार में स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे. फिर कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वे देहरादून जाएंगे. देहरादून से दोपहर 3 बजे वे देहरादून से दिल्ली पहुंचेंगे और दिल्ली में स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे. दिल्ली से वे गाजियाबाद जाएंगे और यहां शाम करीब साढ़े 6 बजे गाजियााद के वसुंधरा में एक स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे. रात 10 बजे वे दिल्ली से भोपाल के लिए रवाना होंगे. फिर रात 11 बजे सीएम हाउस पहुंचेंगे।


बड़ी योजनाओं में खर्च पिछड़ा: केंद्र सरकार कर पाई सिर्फ 40% बजट का उपयोग
जहां शिक्षा का प्रकाश फैलता है, वहीं से विकास का मार्ग निकलता है: गोविंद सिंह राजपूत
मप्र के पूर्व गृहमंत्री ने बलात्कार आरोपी दाती बाबा का किया भव्य स्वागत
CM हिमंता के गोली चलाने वाले वीडियो पर बवाल, कांग्रेस बोली—यह नरसंहार का खुला आह्वान
परिवार शादी के जश्न में मस्त, इधर चोरों ने खाली घर पाकर कर दिया हाथ साफ
NSG हब पर ग्रुप कमांडर की कार जलाने का मामला, साजिश की आशंका
तिरुपति लड्डू विवाद में नया मोड़, साधु परिषद अध्यक्ष का बड़ा आरोप
भारत ने सेशेल्स के लिए खोला खजाना, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को मिलेगी नई रफ्तार
गुजरात–स्टारलिंक एलओआई साइन, सुदूर इलाकों में बढ़ेगी डिजिटल कनेक्टिविटी
सावरकर को भारत रत्न पर विपक्ष का तंज—बोले, उन्हें तो ब्रिटिश रत्न मिलना चाहिए