धर्मांतरण की 'विदेशी फंडिंग': सीरियाई शिपिंग कंपनी के जरिए भारत आए करोड़ों रुपये
लखनऊ| वैध धर्मांतरण के आरोपी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के सीरिया कनेक्शन और उसके सहयोगी नवीन रोहरा के स्विस बैंक खातों की जांच अब भी एटीएस (ATS) के लिए चुनौती बनी हुई है। जांच एजेंसियों ने कानूनी शिकंजा तो कसा है, लेकिन विदेशी फंडिंग के कई अहम सुरागों की गहराई तक पहुंचना अभी बाकी है।
जांच के मुख्य बिंदु
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सीरिया लिंक और शेल कंपनी: नवीन रोहरा एक शिपिंग कंपनी से जुड़ा था, जिसका मालिक सीरियाई मूल का है। आशंका है कि यह कंपनी महज एक मुखौटा थी, जिसके जरिए करोड़ों रुपये भारत भेजे गए।
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फंडिंग का तरीका: सातवीं पास नवीन रोहरा के खातों में करोड़ों का लेनदेन संदिग्ध पाया गया। यह रकम विभिन्न खातों से रूट होकर स्विस बैंक पहुंची और फिर भारत में जमीनें खरीदने के लिए इस्तेमाल की गई।
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ईडी की कार्रवाई: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में नवीन की पत्नी नीतू रोहरा की 13.02 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। जांच में दुबई स्थित 'यूनाइटेड मरीन एफजेडई' कंपनी के खातों का भी उपयोग सामने आया है।
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सीमावर्ती साजिश: संदेह है कि विदेशी संगठनों ने नेपाल सीमा पर प्रभाव बढ़ाने के लिए इस नेटवर्क को वित्तपोषित किया। 100 करोड़ रुपये से अधिक की रकम खपाने के साक्ष्य मिले हैं।


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