आईएमएफ पर दोहरे रवैये का आरोप, भारत को दिए विवादित कर सुझाव
वॉशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) अमीर और गरीब देशों के लिए अलग-अलग रवैया अपना रहा है। ऑक्सफेम की रिपोर्ट के मुताबिक, आईएमएफ कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, ब्रिटेन, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड जैसे समृद्ध देशों को प्रगतिशील करों की सलाह दे रहा है, वहीं भारत सहित दक्षिण एशियाई देशों को ऐसे सुझाव मिले जिनका बोझ गरीबों पर पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 से 2024 के बीच भारत को आईएमएफ से सबसे अधिक प्रतिगामी कर सुझाव मिले। ये असमानता बढ़ा सकते हैं क्योंकि इनसे निम्न और मध्यम आय वर्ग पर अधिक बोझ पड़ता है। आईएमएफ द्वारा निम्न और निम्न-मध्यम आय वाले देशों को दिए गए 59 फीसदी कर सुझाव प्रतिगामी थे, जबकि उच्च आय वाले देशों के लिए 52 फीसदी सिफारिशें प्रगतिशील श्रेणी में थीं। प्रतिगामी कर प्रणाली में कम आय वालों पर उच्च आय वालों की तुलना में अधिक बोझ पड़ता है। इसके विपरीत, आय के अनुपात में लगाया जाने वाला कर प्रगतिशील कहलाता है। 2020 के बाद से अरबपतियों की संपत्ति में 81 फीसदी की वृद्धि हुई है, इसके बावजूद संपत्ति पर कर बढ़ाने जैसे सुझाव बहुत कम दिए गए।


स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल क्रांति, ‘स्वस्थ भारत पोर्टल’ की शुरुआत
भगवंत मान के बयान से बढ़ी सियासत, ब्लास्ट पर भारतीय जनता पार्टी ने मांगे सबूत
बिजली ट्रांसफार्मर के नीचे अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर, प्रशासन सख्त
Hyderabad House में Narendra Modi ने वियतनाम के राष्ट्रपति का किया भव्य स्वागत
Rahul Gandhi का बड़ा आरोप: हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता, BJP पर निशाना
Wild boar का आतंक, तेंदूपत्ता तोड़ रहे 8 ग्रामीणों पर हमला
Sadhguru का फिटनेस सीक्रेट: सुबह ये चीजें खाएं, कुछ ही दिनों में दिखेगा असर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अखबार में प्रकाशित पेयजल समस्या की खबर पर लिया त्वरित संज्ञान
कलेक्ट्रेट मल्टीलेवल पार्किंग में अवैध वसूली का खुलासा, निगम कर्मचारियों पर कार्रवाई
Bastar में इनोवेशन को बढ़ावा, CM बोले- युवाओं को मिलता है नया जोश