भागीरथपुरा मामले पर हाईकोर्ट सख्त, स्टेटस रिपोर्ट को लेकर फटकार, अगली सुनवाई में मुख्य सचिव तलब
इंदौर: हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौत के मामलों को लेकर सुनवाई हुई. हाईकोर्ट ने शासन की स्टेटस रिपोर्ट में 4 लोगों की मौत पर नाराजगी जाहिर की. इसके अलावा क्षेत्र में साफ पानी और अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार की पुख्ता व्यवस्था करने के एक बार फिर आदेश दिए. इसके साथ ही इस मामले में मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को 15 जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई में कोर्ट में हाजिर होने के निर्देश दिए हैं.
स्टेटस रिपोर्ट पर लगाई फटकार
भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी को लेकर लगातार हो रहीं मौत मामले में हाईकोर्ट में दायर कई याचिकाओं पर सामूहिक रूप से सुनवाई हुई. याचिकाकर्ता एवं एडवोकेट रितेश ईरानी ने बताया कि हाईकोर्ट में मंगलवार को 4 से 5 याचिकाओं पर सुनवाई हुई. इसमें कोर्ट ने शासन की स्टेटस रिपोर्ट पर मौत के आंकड़ों को लेकर फटकार लगाई है और अगली सुनवाई में सही रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं. मृतकों की सही स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश भी संबंधित विभागों को दिए हैं.
देश के सबसे स्वच्छ शहर में हुई घटना पर हाईकोर्ट सख्त
एडवोकेट रितेश ईरानी ने बताया कि हाईकोर्ट ने शासन को इस मामले में भी फटकार लगाई कि यह बड़ा आश्चर्यजनक है कि देश के सबसे स्वच्छ शहर में इस प्रकार की घटना हो गई और दूषित पानी का मामला पूरे देश में छा गया. हाईकोर्ट शासन को आदेशित किया है कि सबसे पहले उस क्षेत्र में पीने का साफ पानी मुहैया कराया जाए और दूषित पानी से अस्पताल में भर्ती लोगों का उपचार में कोई कमी नहीं रहे. आगे होने वाली सुनवाई में किसकी लापरवाही है इस मुद्दे पर भी जिम्मेदारी तय होगी.
अगली सुनवाई में मुख्य सचिव को हाजिर होने के निर्देश
एडवोकेट रितेश ईरानी ने बताया कि हाईकोर्ट ने 15 जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई में मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को कोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं. इस मामले में मुख्य सचिव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हाईकोर्ट में शासन की ओर से अपना पक्ष रखेंगे. इसमें उन्हें पूरी जानकारी के साथ उपस्थित होने के आदेश दिए हैं.
15 जनवरी को होगी अगली सुनवाई
भागीरथपुरा में गंदा पानी पीने के कारण तकरीबन अधिकृत रूप से 6 लोगों की मौत बताई गई है, जबकि मौत का यह आकंड़ा 17 से अधिक हो चुका है. अभी भी 110 लोग इलाज के लिए इंदौर के विभिन्न हॉस्पिटलों में भर्ती है. कई लोग वेंटिलेटर पर हैं और हजारों लोग दूषित पानी के संक्रमण का शिकार हैं. इसी मामले को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में कई याचिकाएं लगी हुईं हैं.
इन याचिकाओं में मृतक के परिजनों को आर्थिक रूप से जो 2 लाख की सहायता राशि दी जा रही थी. उसमें बढ़ोत्तरी करने के साथ ही इस पूरे मामले में जो भी दोषी हैं उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने जैसी कई मांग शामिल हैं. इन सभी मामलों में भी 15 जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई में याचिकाकर्ता अपना पक्ष रखेंगे.


सीजफायर कुछ घंटे भी नहीं टिका: UAE-कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमला, ईरान में बड़ा धमाका
अमेरिका-ईरान सीजफायर पर भारत का बयान: समझौते का किया स्वागत
कान में सरसों का तेल डालना: सुरक्षित या खतरनाक?
क्यों मनाया जाता है विश्व होम्योपैथी दिवस? जानें इसका इतिहास
मौसम बदलते ही डायबिटीज मरीजों पर बढ़ता खतरा, ऐसे रखें अपना ध्यान
David Warner ने ड्राइविंग से पहले शराब पीने की बात कबूली
Rani Durgavati Vishwavidyalaya में डॉ. सुरेंद्र सिंह बने छात्र कल्याण अधिष्ठाता
ईरान तनाव के बीच भारत-बांग्लादेश कूटनीति तेज, डोभाल-खलीलुर रहमान की डिनर मीट पर सबकी निगाह
शहर में दो दिन तक मिलेगा जैविक सब्जियों का स्वाद
नामांकन के बाद ममता बनर्जी की हुंकार: बंगाल में SIR पर कानूनी लड़ाई जारी, 91 लाख नाम कटना चिंताजनक