रतलाम में फिर डॉग बाइट से गई जान, काटने के 28 दिन बाद युवक की मौत
रतलाम : एक ओर देश में आवारा कुत्तों को लेकर बहस छिड़ी हुई है. वहीं, रतलाम में कुत्तों के आतंक से लोग बुरी तरह परेशान हैं. यहां गुरुवार को एक 30 साल के नौजवान की कुत्ते के काटने से मौत हो गई. इसके बाद नाराज परिजनों ने मृतक का जनाजा सड़क पर रखकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया. परिजनों और समाजजनों ने निगम प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
बता दें कि कुत्ते के काटने से शहर के अशोक नगर निवासी शाहरुख को रेबीज हो गया और 28 दिन के अंदर ही उसकी मौत हो गई.
एंटी रेबीज वैक्सीन लगने के बाद भी हुआ संक्रमण?
मृतक के पिता नासिर हुसैन ने बताया कि उनका 30 वर्षीय बेटा शाहरूख हुसैन सब्जी मंडी में हम्माली का काम करता था. 31 जुलाई की सुबह घर से सब्जी मंडी जा रहा था, तभी रास्ते में उसे एक कुत्ते ने दाहिने पैर पर काट लिया था. पिता खुद उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां उसका प्राथमिक उपचार करने के बाद मेडिकल कॉलेज भेजा गया था. लेकिन वहां डॉक्टरों ने उस पर ध्यान नहीं दिया और कुछ ही दिनों में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी.
इसके बाद उसे फिर जिला अस्पताल और उसके बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती रखा गया. जहां से उसे परिजन अहमदाबाद सिविल अस्पताल लेकर गए जहां डॉक्टर ने उसकी गंभीर हालत देखते हुए घर ले जाने को कह दिया. वापस रतलाम लौटते समय शाहरुख की दुखद मौत हो गई. उसके पिता नासिर हुसैन ने बताया कि उसके तीन बच्चे हैं और परिवार वह एकमात्र कमाने वाला था.
सड़क पर जनाजा रखकर किया प्रदर्शन
गुरुवार शाम जब परिजन और समाज के लोग शाहरुख की अंतिम यात्रा के लिए निकले तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने चौराहे पर जनाजा रखकर रोड जाम कर दिया. घटना की सूचना मिलने पर एसडीएम रतलाम शहर और सीएसपी मौके पर पहुंचे. परिजनों का कहना था कि निगम प्रशासन द्वारा लाखों करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी रतलाम शहर में आवारा कुत्तों का आतंक खत्म नहीं हुआ है.
वहीं, जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों द्वारा भी उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप परिजनों ने लगाया है. मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने और नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई. वहीं, इस मामले को लेकर एसडीएम आर्ची हरित ने बताया, '' अंतिम यात्रा रोककर विरोध दर्ज करवा रहे परिजनों को समझाइश दी गई है. इस घटना के जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध जांच कर कार्रवाई की जाएगी.''
वहीं, जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों द्वारा भी उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप परिजनों ने लगाया है. मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने और नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई. वहीं, इस मामले को लेकर एसडीएम आर्ची हरित ने बताया, '' अंतिम यात्रा रोककर विरोध दर्ज करवा रहे परिजनों को समझाइश दी गई है. इस घटना के जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध जांच कर कार्रवाई की जाएगी.''
बता दें कि डॉग बाइटिंग के सवार्धिक मामलों वाले शहरों की सूची में रतलाम सबसे आगे है. इसके बाद कुत्ते के काटने से युवक की मौत के मामले ने नगर निगम द्वारा की जा रही कुत्तों की नसबंदी एवं पुनर्वास प्रोजेक्ट की पोल खोल कर रख दी है.
जनसंख्या के हिसाब से डॉग बाइट्स के मामले में टॉप-3 शहर
1-रतलाम - 2 लाख 65 हजार आबादी, साल 2024 में 13444 केस, 5.1 प्रतिशत मामले, जनवरी से जून(2025) तक 6783 घटनाएं.
2-उज्जैन - 7 लाख आबादी, 2024 में 19949 केस, 2.8 प्रतिशत मामले, जनवरी से जून(2025) तक 10296 घटनाएं.
3- इंदौर - 31 लाख आबादी, 2024 में 52508 केस, 1.9 प्रतिशत मामले, जनवरी से जून(2025) तक 30304 घटनाएं.


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